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राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध – National Unity Day Eassy in Hindi

राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध - National Unity Day Eassy in Hindi

राष्ट्रीय एकता दिवस 2020 : राष्ट्रीय एकता दिवस (जिसे राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है) प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को पूरे भारत में लोगों द्वारा मनाया जाता है। राष्ट्रीय एकता दिवस या राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में भारत सरकार द्वारा 31 अक्टूबर को हर साल इस कार्यक्रम को मनाने के उद्देश्य से पेश किया गया था। यह सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने वास्तव में देश को एकजुट किया। उन्होंने भारत को एकजुट रखने में वास्तव में कड़ी मेहनत की। इस आयोजन को शुरू करने का उद्देश्य देश के लिए उनके असाधारण कार्यों को याद करके उनकी जयंती पर महान व्यक्ति, सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देना है | आज में आपके साथ इस पोस्ट राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध – National Unity Day Eassy in Hindi के माध्यम से राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध साँझा कर रहा हु |

राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध

राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध 2020

राष्ट्रीय एकता एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया व एक भावना है जो किसी राष्ट्र अथवा देश के लोगों में भाई-चारा अथवा राष्ट्र के प्रति प्रेम एवं अपनत्व का भाव प्रदर्शित करती है, राष्ट्रीय एकता राष्ट्र को सशक्त एवं संगठित बनाती है । राष्ट्रीय एकता ही वह भावना है जो विभिन्न धर्मों, संप्रदायों, जाति, वेश-भूषा, सभ्यता एवं संस्कृति के लोगों को एक सूत्र में पिरोए रखती है । अनेक विभिन्नताओं के उपरांत भी सभी परस्पर मेल-जोल से रहते हैं, हमारा भारत देश राष्ट्रीय एकता की एक मिशाल है । जितनी विभिन्नताएँ हमारे देश में उपलब्ध हैं उतनी शायद ही विश्व के किसी अन्य देश में देखने को मिलें । यहाँ अनेक जातियों व संप्रदायों के लोग, जिनके रहन-सहन, खान-पान व वेश-भूषा पूर्णतया भिन्न हैं, एक साथ निवास करते हैं । सभी राष्ट्रीय एकता के एक सूत्र में पिरोए हुए हैं. जब तक किसी राष्ट्र की एकता सशक्त है तब तक वह राष्ट्र भी सशक्त है । बाह्‌य शक्तियाँ इन परिस्थितियों में उसकी अखंडता व सार्वभौमिकता पर प्रभाव नहीं डाल पाती हैं परंतु जब-जब राष्ट्रीय एकता खंडित होती है तब-तब उसे अनेक कठिनाइयों से जूझना पड़ता है |

राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध

हम यदि अपने ही इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो हम यही पाते हैं कि जब-जब हमारी राष्ट्रीय एकता कमजोर पड़ी है तब-तब बाह्‌य शक्तियों ने उसका लाभ उठाया है और हमें उनके अधीन रहना पड़ा है. इसके विपरीत हमारी राष्ट्रीय अवचेतना से ही हमें वर्षों की दासता से मुक्ति मिल सकी है । अत: किसी भी राष्ट्र की एकता, अखंडता व सार्वभौमिकता बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकता का होना अनिवार्य है । भारत जैसे विकासशील देश के लिए जो वर्षों तक दासत्व का शिकार रहा है वहाँ राष्ट्रीय एकता की संपूर्ण कड़ी का मजबूत होना अति आवश्यक है ताकि भविष्य में उसकी पुनरावृत्ति न हो सके, देश में व्याप्त सांप्रदायिकता, जातिवाद, भाषावाद, क्षेत्रीयता आदि सभी राष्ट्रीय एकता के अवरोधक तत्व हैं । ये सभी अवरोधक तत्व राष्ट्रीय एकता की कड़ी को कमजोर बनाते हैं । इन अवरोधक तत्वों के प्रभाव से ग्रसित लोगों की मानसिकता क्षुद्र होती है जो निजी स्वार्थ के चलते स्वयं को राष्ट्र की प्रमुख धारा से अलग रखते हैं तथा अपने संपर्क में आए अन्य लोगों को भी अलगाववाद के लिए उकसाते हैं । यही आगे चलकर लोगों में विघटन का रूप लेता है जो फिर खून-खराबे, मारकाट व दंगों आदि में परिवर्तित हो जाता है. इन विघटनकारी तत्वों की संख्या जब और अधिक होने लगती है तब ये पूर्ण अलगाव के लिए प्रयास करते हैं । हमारे देश की भौगोलिक भिन्नता जिसमें अनेक क्षेत्रों व उनमें रहने वाली अनेक जातियों व संप्रदायों का समावेश है ये सभी परस्पर राष्ट्रीय एकता को कमजोर बनाते हैं । इस प्रकार ये विभिन्नताएँ जो हमारी संस्कृति का गौरव हैं जब उग्र रूप धारण करती हैं तब यह हमारी एकता और अखंडता की बाधक बन जाती हैं ।

National Unity Day Eassy in Hindi

देश की एकता के लिए आंतरिक अवरोधक तत्वों के अतिरिक्त बाह्‌य शक्तियाँ भी बाधक बनती हैं । जो देश हमारी स्वतंत्रता व प्रगति से ईर्ष्या रखते हैं वे इसे खंडित करने हेतु सदैव प्रयास करते रहते हैं । कश्मीर की हमारी समस्या इन्हीं प्रयासों की उपज है जिससे हमारे देश के कई नवयुवक दिग्भ्रमित होकर राष्ट्र की प्रमुख धारा से अलग हो चुके हैं, राष्ट्रीय एकता व इसकी अक्षुण्णता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि राष्ट्रीय एकता के तत्वों; जैसे हमारी राष्ट्रभाषा, संविधान, राष्ट्रीय चिह्‌नों, राष्ट्रीय पर्व व सामाजिक समानता तथा उसकी उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान दें । उन सच्चे व महान देशभक्तों की गाथाओं को उजागर करें जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता व सार्वभौमिकता बनाए रखने के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए । महापुरुषों के आदर्शों पर चलना व उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना भी राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है, राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने वाले तत्व कम नहीं हैं, बस उन्हें समय-समय पर अपने जीवन में आत्मसात् करने की आवश्यकता है |

राष्ट्रीय एकता दिवस पर निबंध

विभिन्न राष्ट्रीय दिवसों पर होने वाली गोष्ठियाँ, विचार-विमर्श आदि के माध्यम से राष्ट्र की एकता को बल मिलता है, विभिन्न संगीत सम्मेलनों, समवेत् गान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि के माध्यम से जनता के बीच एकता को बढ़ावा देनेवाला संदेश जाता है । सबसे बढ़कर आवश्यक यह है कि हम निजी रूप से ऐसा प्रयास जारी रखें जिससे देश की एकता को बल मिले, भारत एक महान, स्वतंत्र एवं प्रगतिशील राष्ट्र है । राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी क्षुद्र मानसिकता से स्वयं को दूर रखें तथा इसमें बाधक समस्त तत्वों का बहिष्कार करें । हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम चाहे जिस क्षेत्र, प्रांत, जाति या समुदाय के हैं परंतु उससे पूर्व हम भारतीय नागरिक हैं । भारतीयता ही हमारी वास्तविक पहचान है । अत: हम कभी भी ऐसे कृत्य न करें जो हमारे देश के गौरव व उसकी प्रगति में बाधा डालते हों, हम स्वयं अपने राष्ट्रीय प्रतीकों व अपने संविधान का सम्मान करें तथा अपने संपर्क में आने वाले समस्त व्यक्तियों को भी इसके लिंए प्रेरित करें जिससे हमारी राष्ट्रीय एकता युग-युगांतर तक बनी रहे । हम विघटनकारी तत्वों को राष्ट्रीय एकता की मशाल जलाकर ही भस्मीभूत कर सकते हैं । हम एक थे एक हैं और सदा एक बने रहेंगे, जैसे-जैसे यह विश्वास दृढ़ होता जाएगा हमारी राष्ट्रीय एकता त्यों-त्यों मजबूत होती जाएगी |

National Unity Day Eassy in Hindi 2020

राष्ट्रिय एकता दिवस 31 अक्टूबर को भारत देश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाने वाले लोह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है | सरदार वल्लभ भाई पटेल यह भारत के स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होनें देश के लिए अनेक योगदान दिए हैं. भारत में पहली बार राष्ट्रिय एकता दिवस की शुरुआत सन २०१४ में नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया | भारत की गणना विश्व के सबसे बड़े देशों में से एक है, भारत की गणना विश्व की सबसे बड़े देशों में से एक है | भारत देश अत्यधिक जनसँख्या वाला देश है जो पुरे विश्व में दूसरे स्थान पर है | राष्ट्रिय एकता एक ऐसी ताकत है जो समाज को एक दूसरे से जोड़े रखती है और ताकतवर बनाये रखती है |

National Unity Day Eassy in Hindi

एकता का महत्व

एकता का मतलब है एक साथ मिलकर रहना, एक साथ मिलकर काम करना और एक दूसरे को समझाना | भारत राष्ट्रिय एकता दिवस की शुरुआत सन २०१४ में की गई | भारत में १६०० से भी अधिक भाषाएँ बोली जाती है | एकता जैसे किसी भी परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक साथ जोड़कर रखती है, वैसे ही आज के समय में देश के हर युवा को एक होकर देश को एकता के बंधन में बंधना होगा | एकता के लिए सबसे पहले एक परिवार में एकता जगाना होगा तभी हम देश में एकता का दीप जला सकते हैं | सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में हुआ था | देश की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पाँच सौ से भी अधिक देशी रियासतों का एकीकरण सबसे ब.ड़ी समस्या थी, 5 जुलाई 1947 को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रियासतों के प्रति स्पष्ट करते हुए कहा की रियासतों को सुरक्षा, विदेश और संचार व्यवस्था के आधार पर भारतीय संघ में शामिल किया जाएगा |

National Unity Day Eassy in Hindi

निष्कर्ष

राष्ट्रिय एकता दिवस की शुरुआत नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया | नरेंद्र मोदी जी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के मूर्ति पर माल्यार्पण किया और साथ ही उन्होंने ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन की भी शुरुआत की थी, देश का जड़ या आधार तभी मजबूत होता है जब उसकी एकता एवं अखंडता बनी रहती है | भारत देश वर्षों तक गुलाम रहा इसका सबसे बड़ा कारण यही था की हमारे बिच एकता की भावना नहीं थी | जिसका फायदा उठा कर दूसरे देश के लोग हमारे देशों पर राज करते थे | देश का सुख, शांति, समृद्धि तभी होगी जब जब देश में लोगों के बिच एकता होगी | सरदार वल्लभ भाई पटेल को एकता का मिशाल कहा जाता है | क्योंकि उन्होंने हमेशा देश को एकजुट करने का प्रयास किया | इसलिए उनके जन्मदिन पर उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दिया जाता है और इस दिन राष्ट्रिय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है |

भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधान मंत्री होने के नाते उन्होंने भारतीय फेडरेशन बनाने के लिए कई भारतीय रियासतों के एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे देश में शांति बहाल करने के लिए बड़े प्रयास किए। वह ई.एम.एच.एस. (एडवर्ड मेमोरियल हाई स्कूल बोर्सड, जिसे वर्तमान में झावरभाई दजीभाई पटेल हाई स्कूल के नाम से जाना जाता है) के पहले अध्यक्ष और संस्थापक भी थे।
उन्हें आधुनिक अखिल भारतीय सेवा प्रणाली की स्थापना के रूप में स्नेही रूप से “भारत के लौह आदमी” और “भारत के सिविल सेवकों के संरक्षक संत” के रूप में याद किया जाता है। सालाना उन्हें याद रखने के लिए, राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में भारत सरकार द्वारा पेश की गई थी।

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