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महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध – Mahatma Gandhi Ji Par Kavita And Eassy in Hindi

महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध - Mahatma Gandhi Ji Par Kavita And Eassy in Hindi

गाँधी जयंती 2 अक्टूबर : गाँधी जयंती भारत में तीन सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं में से एक है। यह त्योहार पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है ताकि हमारे राष्ट्र के पिता के जन्मदिन पर उनको याद किया जा सके। गाँधी जयंती मनाने का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी जी को सम्मान देना है जिन्होंने हमें ब्रिटिश शासन से आजादी दिलायी। इस दिन को अहिंसा का अन्तर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 2 अक्टूबर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है। इस दिन सभी शैक्षाणिक संस्थान, बैंक और कंपनियां आदि बंद रहती है। साथ ही इस दिन अल्कोहल बेचने जैसे सभी बुरी गतिविधियो पर सख्त प्रतिबन्ध रहता है क्योंकि गाँधी जी इन चीजों के सख्त खिलाफ थे। आज में आपके साथ इस पोस्ट महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध – Mahatma Gandhi Ji Par Kavita And Eassy in Hindi के माध्यम से महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध साँझा कर रहा हु |

महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध

महात्मा गाँधी जी पर कविता

अहिंसा की लाठी थाम, आजादी की रख माँग,
बापू तुने अंग्रेजों की, जड़ें यूँ हिलायी थी…

वक्त था बड़ा गंभीर, ना पकड़ी तूने शमशीर,
तेरी इक हुंकार पर, जनता दौड़ी आयी थी…

उस बापू को नमन मेरा, गाँधी यह चमन तेरा,
सीधी सीधी चाल चल, बड़ा कमाल कर दिया…

टेढ़ी टेढ़ी चाल वाली, अंग्रेजी हुकूमत को,
सत्य अहिंसा के दम पर, बेहाल कर दिया…

गोरों की देखी करतूत, भारत के सच्चे सपूत,
अंग्रेजों के ध्वज की, होली यूँ जलायी थी…

रख शक्तिशाली निर्भय मन, बोला दुबला पतला मोहन,
‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’, लगी तोपें कंपकपायी थी…

राष्ट्रपिता तुझे प्रणाम, हिन्दुस्तां की तु पहचान,
तुने अपने कर्मों से, सबको निहाल कर दिया |

Mahatma Gandhi Ji Par Kavita in Hindi

महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध

ली सच की लाठी उसने, तन पर भक्ति का चोला
सबक अहि़सा का सिखलाया, वाणी में अमृत उसने घोला…

बापू के इस रंग में रंग कर, देश का बच्चा- बच्चा बोला
कर देगें भारत माँ पर अर्पण, हम अपनी जान को…

हम श्रद्घा से याद करेगें, गाँधी के बलिदान को
चरखे के ताने बाने से उसने, भारत का इतिहास रचा…

हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई, सबमें इक विश्वास रचा
सहम गया विदेशी फिरंगी, लड़ने का अभ्यास रचा…

मान गया अंग्रेजी शासक, बापू की पहचान को
हम श्रद्धा से याद करेगें, गाँधी के बलिदान को…

सत्य सनातन नित्य प्रचारें, शुभ कृतियों के तथ्य विचारेँ
निज मानस के दोष सुधारें, करें सभी स्वाध्याय निरंतर पाप सभी के क्षय हों…

ऊंच नीच के भाव बिसारें, कलुष कामना सकल निवारें
समता भाव समाज प्रसारें, सदाचार हो ध्येय हमारा नवयुग का अभिनय हो…

आत्मशक्ति विस्तार करें हम, दीनों का उद्धार करें हम
शरणागत का मान करें हम, निज सर्वस्व राष्ट्र पर वारें, हर प्रभात संचय हो |

महात्मा गाँधी जी पर निबंध

महात्मा गाँधी जी पर कविता और निबंध

प्रस्तावना : महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था। महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है और इनको बापू के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बापू को श्रद्धांजलि देकर याद किया जाता है। साथ ही 2 अक्टूबर राष्ट्रीय उत्सव के रुप में भी मनाया जाता है। गांधी जयंती पर विशेष रूप से पूरे देश में सरकारी अवकाश होता है और स्कूलों में निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित होती है। साथ ही 15 जून 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अहिंसा के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रुप में भी घोषित किया गया है। महात्मा गांधी ने देश की स्वतंत्रता में दिए योगदान को कोई नहीं भूल सकता। बापू ने अंग्रेजों के खिलाफ अपनी सारी जिंदगी संघर्ष कर देश को आजादी दिलवाई और पूरी जिंदगी देश के लिए अर्पित कर दी। आज के दिन बापू शांति, अहिंसा और सच्चाई के रुप में याद किए जाते है।

व्याख्या : गाँधी जयंती के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षाणिक संस्थाओं में प्रार्थना, नाटक और भाषण पाठ सहित गतिविधियाँ आयोजित की जाती है। विभिन्न स्थानों पर गाँधी जयंती भाषण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ कलाकारों को पुरस्कार भी दिए जाते हैं।

गाँधी जयंती पर पर सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, और कॉलेजों को गाँधी जयंती फोटो और छवि से सजाया जाता है। सबसे पहले श्मशान स्थान को माला और फूलों से सजाया जाता है। उसके बाद पुष्पांजलि देकर हमारे महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उसके बाद बापू जी का पसंदीदा भजन गाया जाता है।

गाँधी जी के अनुसार, आजादी पाने के लिए सिर्फ सच्चाई और अहिंसा ही एकमात्र साधन है। वह कई बार जेल गए। महात्मा गाँधी सामाज में सबको समान मानते थे और अस्पृश्यता के खिलाफ थे। गाँधी अब युवाओं के लिए एक आदर्श मॉडल और प्रेरणादायक नेता बन गए है। नेल्सन मंडेला जैसे महान नेताओं ने स्वतंत्रता के लिए गाँधी के अहिंसा के सिद्धांत की प्रशंसा की।

 Mahatma Gandhi Ji Par Kavita And Eassy in Hindi

स्वराज को हासिल करने के लिए गाँधी जी बहुत अच्छा काम किया। उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया और अस्पृश्यता जैसे अन्य सामाजिक बुराइयों को भी खत्म किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का भी समर्थन किया। गाँधी ने असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे विभिन्न आंदोलनों का नेतृत्व किया। ये सभी आंदोलन सफल हुए थे और युवाओं ने इनमें अहम साथ दिया।
गाँधी जयंती मनाने का मुख्य उद्देश्य महात्मा गाँधी जी को सम्मान देने और लोगों को गांधी के सिद्धांतों को वितरित करने और विचारों और मान्यताओं के चरणों का पालन करने के लिए जागरूक करना है। इस तरह हम हर साल हमारे राष्ट्र के पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

Mahatma Gandhi Ji Par Eassy in Hindi

इस सभागार में उपस्थित सभी भाइयों, बहनों और प्रिय साथियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। दोस्तों उन्नीसवीं शताब्दी में जब देश अंग्रेजों के आधीन था और ब्रिटिश सरकार लगातार भारतीय जनता को अपमानित एवं उनका शोषण कर रही थी, तब संकट से बचाने के लिए भारत माता की पवित्र पावन धरा पर गाँधी जी के रूप में एक ऐसा लाल पैदा हुआ, जिसके महान विचार और स्वभाव की सरलता और उत्तम चित्त का जादू लोगों के मन पर बड़ी तेजी से अपना प्रभाव डाल रहा था। गाँधीजी की बुद्धि एवं राजनैतिक कुशलता लगातार जनता को सुख और शांति प्रदान कर रही थी । फलत: इस नेता के प्रयास से 15 अगस्त, 1947 ई. को देश स्वतंत्र हुआ और यह भारत की आजादी के देवदूत कहलायें ।

 Mahatma Gandhi Ji Par Kavita And Eassy in Hindi

गांधीजी बंधुत्व, सत्य और अहिंसा के प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अपनी पूरी जिन्दगी हिन्दुस्तान की आजादी, अहिंसा, शान्ति तथा प्रेम आदि सिद्धांतों को फ़ैलाने में लगा दी। गाँधी जी ने अपने युग को प्रभावित किया और मानवता को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया।

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर, सन 1869 ई. को पोरबन्दर (गुजरात) में हुआ था । इनका पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था । इनके पिता श्री करमचंद गांधी राजकोट के दीवान थे और माता पुतलीबाई अत्यंत धार्मिक विचारों वाली, कबीरपंथी, सहृदयी नारी थी । माता के आदर्शों की शिक्षा के बल पर ही महात्मा गाँधी भारत के सबसे मजबूत स्वतंत्रता सेनानी और युगपुरुष हुए थे। गांधीजी का विवाह किशोरावस्था में कस्तूरबा से हो गया था।

महात्मा गांधी के जन्म दिवस को हर वर्ष गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । भारत में यह “मोहनदास करमचन्द गांधी” के सम्मान में मनाया जाने वाला एक राष्ट्रीय पर्व है ।

महात्मा गाँधी का जन्म दिवस भारत के तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों में से एक है । जोकि इस सदी के सबसे बड़े नायक के अनमोल वचन एवं विचार को हृदय से याद करने और उन्हें अपनी सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए हम सब के लिए यह सबसे अच्छे अवसरों में से एक है । गांधीजी के जन्मदिवस का प्रतीक 2 अक्टूबर गाँधी जयंती का दिन पूरे भारतवर्ष में राजपत्रित छुट्टी घोषित है ।

हम सब के लिए परम गौरव की बात है कि इनके व्यक्तित्व, कृतित्व और सिद्धांतो को याद करने के लिए गांधी जयन्ती के रूप में यह अवसर मिला है। वस्तुतः गांधीजी विश्व भर में उनके अहिंसात्मक आंदोलन के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन महात्मा गाँधी को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी याद किया जाता है।

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