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माता पिता पर कविता – Poem on Parents in Hindi

Poem on Parents in Hindi

माता पिता पर कविता: आज की कहानी माता पिता के प्यार की है | जीवन में आप कितने ही रिश्ते निभा लो मगर जो सच्चाई माँ बाप के प्यार में मिलेगी वो दुनिया में आप को कही नहीं मिले गी | अपना सब कुछ खो कर माँ बाप हमको बनाते है पर पता नहीं क्यू कुछ बनने के बाद बच्चे अपने माँ बाप को क्यू भूल जाते है |ये बात तो सच है माँ बाप क्या है ये सिर्फ उन्ही को पता होता है जिनके माँ बाप नहीं होते या माँ बाप हमारे लिए किंतना करते हैं ये तभी पता चलता है जब हम खुद माँ बाप बनते हैं . दोस्तों जीवन में  केवल २ ही व्यक्ति ऐसे होते हैं जो हमेशा तुम्हे खुश देखना चाहते हैं और तुम्हारी उन्नति में खुश होते हैं . खुद कष्ट सहन कर हमें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं. आज में आपके साथ इस पोस्ट माता पिता पर कविता – Poem on Parents in Hindi के माध्यम से राष्ट्रीय खेल दिवस पर अनमोल विचार साँझा कर रहा हु 

माता पिता पर कविता

माता-पिता,
ईश्वर की वो सौगात है,
जो हमारे जीवन की अमृतधार है!
आपसे ही हमारी एक पहचान है,
वरना हम तो इस दुनिया से अनजान थे!
आपके आदर्शों पर चलकर ही,
हर मुश्किल का डटकर सामना करना सीखा है हमने!
आपने ही तो इस जीवन की दहलीज़ पर हमें,
अंगुली थामे चलना और आगे बढ़ना सिखाया है,
वरना एक कदम भी न चल पाने से हम हैरान थे!
आपके प्यार और विश्वास ने काबिल बनाया है हमें,
जीवन के हर मोड पर आज़माया है हमें,
वरना हम तो जीवन की कसौटियों से परेशान थे!
आपने हमेशा हर कदम पर सही राह दिखायी है हमें,
अच्छे और बुरे की पहचान करायी है हमें,
आपने दिया है जीवन का ये नायाब तोहफा हमें,
जिसे भुला पाना भी हमारे लिए मुश्किल है!
आपकी परवरिश ने ही दी है नेक राह हमें,
वरना हम तो इस नेक राह के काबिल न थे!
आपसे ही हमारे जीवन की शुरुआत है,
आपसे ही हमारी खुशियाँ और आबाद है,
आप ही हमारे जीवन का आधार है,
आप से हैं हम,
और आप से ही ये सारा जहांन है!

माता पिता पर कविता – Poem on Parents in Hindi

माता पिता पर कविता हिंदी में

माता-पिता ,
ईश्वर की वो सौगात है ,
जो हमारे जीवन की अमृतधार है !
                           आपसे ही हमारी एक पहचान है ,
                           वरना हम तो इस दुनिया से अनजान थे !
                           आपके आदर्शों पर चलकर ही ,
                           हर मुश्किल का डटकर सामना करना सीखा है हमने !
आपने ही तो इस जीवन की दहलीज़ पर हमें ,
अंगुली थामे चलना और आगे बढ़ना सिखाया है ,
वरना एक कदम भी न चल पाने से हम हैरान थे !
                          आपके प्यार और विश्वास ने काबिल बनाया है हमें ,
                          जीवन के हर मोड पर आज़माया है हमें ,
                          वरना हम तो जीवन की कसौटियों से परेशान थे !
आपने हमेशा हर कदम पर सही राह दिखायी है हमें ,
अच्छे और बुरे की पहचान करायी है हमें !
                          आपने दिया है जीवन का ये नायाब तोहफा हमें ,
                          जिसे भुला पाना भी हमारे लिए मुश्किल है !  
आपकी परवरिश ने ही दी है नेक राह हमें ,
वरना हम तो इस नेक राह के काबिल न थे !
                         आपसे ही हमारे जीवन की शुरुआत है ,
                         आपसे ही हमारी खुशियाँ और आबाद है ,
आप ही हमारे जीवन का आधार है ,
आप से हैं हम ,
और आप से ही ये सारा जहांन है !

माता पिता पर कविता – Poem on Parents in Hindi

माता पिता पर कविता शार्ट हिंदी में

तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो ।
तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥
तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो ।
तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥

तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे ।
कोई ना अपना सिवा तुम्हारे ॥
तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे ।
कोई ना अपना सिवा तुम्हारे ॥

तुम ही हो नईया, तुम ही खिवईया ।
तुम ही हो बंधू, सखा तुम ही हो ॥

तुम ही हो माता, पिता तुम्ही हो ।
तुम ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥

जो खिल सके ना वो फूल हम हैं ।
तुम्हारे चरणों की धूल हम हैं ॥
जो खिल सके ना वो फूल हम हैं ।
तुम्हारे चरणों की धूल हम हैं ॥

दया की दृष्टि, सदा ही रखना ।
तुम ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥

तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो ।
तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥
तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो ।
तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥

माता पिता पर कविता – Poem on Parents in Hindi

Poem on Parents in Hindi

बड़े नाजों नखरे उठा माता पिता
अपने बच्चों को पढ़ाते हैं
वही बच्चे बड़े होकर के
ऊंचे-ऊंचे ओहदे पाते हैं

शादी विवाह के बाद वो
अपने परिवार में खो जाते हैं
ढूंढती होगी माता-पिता की नजर
यह भी भूल जाते हैं

जिन बच्चों की खुशियों के खातिर
माता-पिता उठाते हैं हजार गम
कुछ बच्चे सब कुछ भुला कर
करते हैं उनकी आंखें नम

लौटकर नहीं आते इस जहां में
जाने वाले एक भी बार
माता पिता जीवन में मिलते हैं एक बार
खुश कैसे रखोगे इनको कर लो थोड़ा विचार

Poem on Parents in Hindi short

आशा करता हु आपको हमारी ये पोस्ट “माता पिता पर कविता – Poem on Parents in Hindi”अच्छी लगेगी इसी तरह के और पोस्ट राष्ट्रीय खेल दिवस पर कविता, राष्ट्रीय खेल दिवस पर हिंदी कविता, राष्ट्रीय खेल दिवस पर शायरी, राष्ट्रीय खेल दिवस पर अनमोल विचार, Mothers day poem in Hindi, Mata pita par kavita, parent day poem in Hindi आप यह से पढ़ सकते है और इन्हे आसानी से साँझा कर सकते है

घर मेरा एक बरगद है…..
मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!
घनी छायो है मेरी माँ..
यही है मेरे आसमान…!!
पापा का है प्यार अनोखा..
जैसे शीतल हवा का झोका …!!
माँ की ममता सबसे प्यारी …
सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घूमते ….!!
माँ मलहम बनकर लग जाती …
जब भी हमको चोट सताती..!!
माँ पापा बिन दुनिया सुनी
जैसे तपती आग की धुनी..!!
माँ ममता की धारा है …
पिता जीने का सहारा है…!!

Poem on Parents in Hindi Samman

गुरु गोविंद दोऊ खड़े
काके लागूं पांय
बलिहारी गुरु आपने
जिन गोविंद दियो बताय

मात-पिता तुम मेरे
मेरे प्रभु, मेरे गुरु
जो है और जो है नहीं
सब कुछ तुम हो सद्गुरु

मां ने दिया जनम
पिता ने दिया है नाम
अनदेखी एक दिशा
बुलाती सुबह शाम

हर दिशा में अब तुम ही
किस दिशा में नमन करूं
जो है और जो है नहीं,
सब कुछ तुम हो सद्गुरु

सांसों की ये डोर
अभी शुरू, अभी खतम
ये डोर पकड़ तुम तक आ जाऊं
अब करूं यही जतन

हो गया है जिसका अंत
और हुआ जो नहीं शुरू
जो है और जो है नहीं
सब कुछ तुम हो सद्गुरु